चंडीगढ़.कन्या भ्रूणहत्या और ऑनर किलिंग के लिए बदनाम रहा हरियाणा अब बढ़ते गैंगरेप को लेकर फिर सुर्खियों में है। पिछले 22 दिन में प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर चार गैंगरेप हुए। एक केस में तो पिता ने आत्महत्या तक कर ली।
प्रदेश में ऐसी स्थिति आ चुकी है कि हर दूसरे-तीसरे दिन कहीं न कहीं दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं। इनके लिए अपराधी तो जिम्मेदारी हैं ही, साथ ही पुलिस प्रशासन भी इसके जिम्मेदार है। डाबड़ा गांव में दलित लड़की से गैंगरेप के बाद पुलिस की लापरवाही किसी से छिपी नहीं है। इस तरह के मामलों का तेजी से बढ़ना प्रदेश के लिए चिंता का विषय है। क्या हमारी बहू-बेटियां यहां सुरक्षित महसूस कर रही हैं, यह एक बड़ा सवाल है।
भ्रूण हत्याएं, ऑनर किलिंग और गैंगरेप की घटनाएं मानवीय मूल्यों के पतन की ओर इशारा करती हैं। बेहतर समाज और बच्चों के सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए बेहतर प्लानिंग की जरूरत है, जो भाषणबाजी और बयानबाजी से नहीं होगी। एससी आयोग ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। जनता भी पूछ रही है कि अपराध रुक नहीं रहे, तो पुलिस क्या कर रही है।
नौ सितंबर से 29 सितंबर तक की घटनाएं
केस-1: डाबड़ा में दलित युवती के साथ
9 सितंबर को हिसार जिले के गांव डाबड़ा में दलित लड़की के साथ बारह लड़कों ने गैंगरेप किया। कार्रवाई न होने से आहत लड़की के पिता ने दस दिन बाद जहर खाकर जान दे दी। परिजनों ने प्रदर्शन किया तब जाकर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। पुलिस की लापरवाही पर आयोग भी सीएम को पत्र लिख चुका है।
पुलिस ने अब नौ आरोपी और दो लोगों को उनका साथ देने पर गिरफ्तार किया है।
केस-2: जींद : विवाहिता के साथ
21 सितंबर को जींद के पिल्लूखेड़ा में विवाहिता के साथ तीन युवकों ने गैंगरेप किया। पिस्तौल के बल पर मां के सामने बलात्कार किया गया। इसका एमएमएस भी बनाया गया।
पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दी लेकिन पांच दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता ने जब आत्मदाह की धमकी दी तो तब पुलिस ने केस दर्ज किया। तीन आरोपियों में से दो गिरफ्तार किए जा चुके हैं। एक फरार है।
केस-3: गोहाना में छात्रा के साथ
26 सितंबर को सोनीपत के गोहाना में सामान लेने गई 11वीं कक्षा की छात्रा के साथ चार लोगों ने दुष्कर्म किया। छात्रा दुकान पर सामान लेने गई तो दुकानदार ने गोदाम से सामान देने की बात कही। वहां पहले से ही तीन लोग बैठे थे। चारों ने छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के चाचा ने शिकायत दी।
शिकायत पर पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। चारों न्यायिक हिरासत में हैं।
केस-4: तोशाम: 8 वीं के छात्रा के साथ
29 सितंबर को तोशाम के गांव संडवा में तीन युवकों ने 8 वीं की छात्रा का टाटा सूमो से अपहरण किया। इसके बाद गाड़ी को किसी सुनसान जगह पर ले जाकर दुष्कर्म किया गया। बाद में छात्रा को गांव में छोड़कर युवक फरार हो गए। ञ्चछात्रा की शिकायत पर पुलिस ने तीन अज्ञात युवकों पर केस दर्ज कर लिया। सोमवार को पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
दलाल की रिटायरमेंट से ठीक पहले ताबड़तोड़ वारदातें
हरियाणा के डीजीपी रंजीव दलाल का कार्यकाल 31 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है। लेकिन हाल-फिलहाल की घटनाओं ने उनकी सांसें अटका दी हैं। जहां गैंगरेप की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, वहीं पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। विदाई के अंतिम दिनों में आए गैंगरेप के मामलों ने डीजीपी की चिंताएं बढ़ा दी हैं। नए डीजीपी के सामने भी बड़ी चुनौतियां आने वाली हैं।
हिसार, जींद, सोनीपत एवं फिर भिवानी जिलों में लगातार चौंकाने वाली घटनाएं मात्र 20-22 दिनों में हुई। अपराध की प्रवृत्ति एक ही थी। यह अचंभित करने वाला सवाल है कि अचानक ही से घटनाएं क्यों हुई? अपराध पर रोक लगाने के पुलिस दावे कर रही है लेकिन एससी आयोग और विपक्षी पाíटयों का आरोप है कि पुलिस अपना काम सही तरीके से नहीं कर रही है। इसलिए डीजीपी जाते समय यह दाग लेकर नहीं जाना चाहते।
नया डीजीपी कौन होगा यह 15 अक्टूबर के बाद तय होगा। इसमें एसएन वशिष्ठ का नाम चल रहा है। इस लिस्ट में शरद कुमार, पीके वाच्छेर, पीके मेहता, वीएन राय जैसे अफसरों के नाम भी हैं।
हरियाणा में हालात बहुत ही खराब हैं। पुलिस इसके लिए दोषी है। समय पर कार्रवाई नहीं होती और जब मामला गर्मा जाता है तो नाममात्र की कार्रवाई कर देती है। दलितों के साथ अत्याचार की घटनाएं भी सबसे ज्यादा यहीं हो रही हैं।
राजकुमार वेरका,उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय एससी आयोग
प्रदेश में ऐसी स्थिति आ चुकी है कि हर दूसरे-तीसरे दिन कहीं न कहीं दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं। इनके लिए अपराधी तो जिम्मेदारी हैं ही, साथ ही पुलिस प्रशासन भी इसके जिम्मेदार है। डाबड़ा गांव में दलित लड़की से गैंगरेप के बाद पुलिस की लापरवाही किसी से छिपी नहीं है। इस तरह के मामलों का तेजी से बढ़ना प्रदेश के लिए चिंता का विषय है। क्या हमारी बहू-बेटियां यहां सुरक्षित महसूस कर रही हैं, यह एक बड़ा सवाल है।
भ्रूण हत्याएं, ऑनर किलिंग और गैंगरेप की घटनाएं मानवीय मूल्यों के पतन की ओर इशारा करती हैं। बेहतर समाज और बच्चों के सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए बेहतर प्लानिंग की जरूरत है, जो भाषणबाजी और बयानबाजी से नहीं होगी। एससी आयोग ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। जनता भी पूछ रही है कि अपराध रुक नहीं रहे, तो पुलिस क्या कर रही है।
नौ सितंबर से 29 सितंबर तक की घटनाएं
केस-1: डाबड़ा में दलित युवती के साथ
9 सितंबर को हिसार जिले के गांव डाबड़ा में दलित लड़की के साथ बारह लड़कों ने गैंगरेप किया। कार्रवाई न होने से आहत लड़की के पिता ने दस दिन बाद जहर खाकर जान दे दी। परिजनों ने प्रदर्शन किया तब जाकर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। पुलिस की लापरवाही पर आयोग भी सीएम को पत्र लिख चुका है।
पुलिस ने अब नौ आरोपी और दो लोगों को उनका साथ देने पर गिरफ्तार किया है।
केस-2: जींद : विवाहिता के साथ
21 सितंबर को जींद के पिल्लूखेड़ा में विवाहिता के साथ तीन युवकों ने गैंगरेप किया। पिस्तौल के बल पर मां के सामने बलात्कार किया गया। इसका एमएमएस भी बनाया गया।
पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दी लेकिन पांच दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता ने जब आत्मदाह की धमकी दी तो तब पुलिस ने केस दर्ज किया। तीन आरोपियों में से दो गिरफ्तार किए जा चुके हैं। एक फरार है।
केस-3: गोहाना में छात्रा के साथ
26 सितंबर को सोनीपत के गोहाना में सामान लेने गई 11वीं कक्षा की छात्रा के साथ चार लोगों ने दुष्कर्म किया। छात्रा दुकान पर सामान लेने गई तो दुकानदार ने गोदाम से सामान देने की बात कही। वहां पहले से ही तीन लोग बैठे थे। चारों ने छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के चाचा ने शिकायत दी।
शिकायत पर पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। चारों न्यायिक हिरासत में हैं।
केस-4: तोशाम: 8 वीं के छात्रा के साथ
29 सितंबर को तोशाम के गांव संडवा में तीन युवकों ने 8 वीं की छात्रा का टाटा सूमो से अपहरण किया। इसके बाद गाड़ी को किसी सुनसान जगह पर ले जाकर दुष्कर्म किया गया। बाद में छात्रा को गांव में छोड़कर युवक फरार हो गए। ञ्चछात्रा की शिकायत पर पुलिस ने तीन अज्ञात युवकों पर केस दर्ज कर लिया। सोमवार को पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
दलाल की रिटायरमेंट से ठीक पहले ताबड़तोड़ वारदातें
हरियाणा के डीजीपी रंजीव दलाल का कार्यकाल 31 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है। लेकिन हाल-फिलहाल की घटनाओं ने उनकी सांसें अटका दी हैं। जहां गैंगरेप की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, वहीं पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। विदाई के अंतिम दिनों में आए गैंगरेप के मामलों ने डीजीपी की चिंताएं बढ़ा दी हैं। नए डीजीपी के सामने भी बड़ी चुनौतियां आने वाली हैं।
हिसार, जींद, सोनीपत एवं फिर भिवानी जिलों में लगातार चौंकाने वाली घटनाएं मात्र 20-22 दिनों में हुई। अपराध की प्रवृत्ति एक ही थी। यह अचंभित करने वाला सवाल है कि अचानक ही से घटनाएं क्यों हुई? अपराध पर रोक लगाने के पुलिस दावे कर रही है लेकिन एससी आयोग और विपक्षी पाíटयों का आरोप है कि पुलिस अपना काम सही तरीके से नहीं कर रही है। इसलिए डीजीपी जाते समय यह दाग लेकर नहीं जाना चाहते।
नया डीजीपी कौन होगा यह 15 अक्टूबर के बाद तय होगा। इसमें एसएन वशिष्ठ का नाम चल रहा है। इस लिस्ट में शरद कुमार, पीके वाच्छेर, पीके मेहता, वीएन राय जैसे अफसरों के नाम भी हैं।
हरियाणा में हालात बहुत ही खराब हैं। पुलिस इसके लिए दोषी है। समय पर कार्रवाई नहीं होती और जब मामला गर्मा जाता है तो नाममात्र की कार्रवाई कर देती है। दलितों के साथ अत्याचार की घटनाएं भी सबसे ज्यादा यहीं हो रही हैं।
राजकुमार वेरका,उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय एससी आयोग
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